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कोरोना के बीच नया खतरनाक साबित होता ब्लैक फंगस नाम का खतरा

 कोरोना के बीच नया खतरनाक साबित होता ब्लैक फंगस नाम का खतरा। 



कोरोना के बढ़ते मामलों से जहां देश एक तरफ बुरी तरह छाती ग्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ  एक नया खतरा देश में दस्तक देते हुए लोगो को डरा रहा है। इस खतरे को ब्लैक फंगस कहा जा रहा रहा है। जिसका असली नाम mucoremicosis है। जानकारों की माने तो यह बीमारी कोई नई बीमारी नहीं है, पहले भी इस बीमारी के केस भारत में आते रहे है, परंतु इस बार इस बीमारी से बीमार होने वालों का अकड़ा बढ़ गया है। वैज्ञानिक संदेह जाहिर कर रहे है की यह सायद म्यूटेटेड कोरोना वायरस की वजह से हो रहा है।


क्या है ब्लैक फंगस ( mucoremicosis)।



बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के न्यूरोलॉजी प्रोफेसर विजयनाथ मिश्रा की मानें तो   ब्लैक फंगस नाक पे हमला करती है। यह फंगस गले में ही एक बड़ी धमनी केरोटेड आर्टरी को ढूंढ लेता है जिसका एक हिस्सा आंख में रक्त पहुंचता है। उसी धमनी की मदद से यह फंगस रक्त द्वारा आंखों पर और मस्तिस्क पर हमला कर के उसे चतिग्रस्त कर देती है।


क्या है ब्लैक फंगस के लक्षण।


  • जिन लोगों को करना वायरस हो चुका है उन लोगों की आंखों की सूजन को बिल्कुल भी नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए वरना ये जानलेवा साबित हो सकता है।
  • अगर आप ब्लैक फंगस की गिरफ्त में आ चुके है तो सबसे पहले आप की आंखों का रंग लाल हो जाएगा और आंखे सुजाने लगेंगी।
  • आंखों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है जैसे, दूंधला दिखना, दो बार दिखना ,आंखों के सामने अंधेरा छा जाना, और कई मामलों में आंखों की दृष्टि भी का सकती है।
  • कई मामलों में ये दिमाग पर भी गहरा असर कर देता जैसे दिमाग में दर्द, शरीर दर्द, थकावट महसूस होना आदि।

क्यों कहा जाता है ब्लैक फंगस।




जानकारों की माने तो यह एक अलग तरह का फंगस है जो की रक्त धमनियों में छेद करने की छमता रखता है। हमारे शरीर में पहुंचते ही यह रक्त धमनियों पर चिपक कर उनमें छेद करना सुरु कर देता है ,बाद में रक्त में मिलकर यह सारे शरीर में फैल जाता है। इसके प्रभाव से या कहे की इसके जमने से रक्त धमनियाँ सुख कर गैंग्रीन बन जाती है। गैंग्रीन मतलब काला रंग। रक्त धमनियों के काले हो जाने की वजह से ही साइंटिस्ट इसे ब्लैक फंगस (mucoremicosis) बोलते हैं।

शरीर में कई फंगस होते है।


डॉक्टरों की माने तो इंसानी शरीर में बहुत तरह के फंगस होते और यह करोड़ों की संख्या में होते है। कई फंगस हमारे शरीर को फायदा पहुंचते है और कई नुकसान भी पहुंचाते है। कई फंगस नाखून खाते है और कई चमड़ी पर यह ब्लैक फंगस रक्त धमनियों को खाता है और यह शरीर के लिए हानिकारक है।

फंगस का क्या है इलाज।


इस फंगस बीमारी का इलाज एम आर आई (MRI) द्वारा संभव है। जो भी इस फंगस की चपेट में आ रहा है उसके मस्तिस्क और रक्त धमनियों कि एम आर आई करने पर डाक्टरों द्वारा बड़ी मात्रा में ये फंगस देखा जा सकता है। और 1 बार फंगस के दिख जाने पर इसे ऑपरेशन कर के काट कर शरीर से अलग कर दिया जाता है। अगर फंगस अपने शुरुआती रूप में हो तो एंटी फंगल थेरेपी (Anti Fungul Therapy) दे कर भी फंगस को खत्म किया जा सकता है।

कोरोना मरीजों को  कैसे ज्यादा है दिक्कत।




कई कोरोना मरीजों को स्टीरॉयड दी जा रही है । जिन लोगों स्टीरॉयड दी जा रही है उनमें इस फंगस का खतरा ज्यादा है । क्योंकि, स्टेरॉइड्स शरीर में जा कर प्रतिरोधक क्षमता करती है। एक बार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हुई तो फंगस की ताकत दुगुनी हो जाती है।  


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