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इस महीने में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर?

 इस महीने में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर?


जहां एक तरफ देश में कोरोना के बढ़ते मामलों में काफी हद तक घटाव हुआ है वहीं अब केंद्र सरकार लोगों को तीसरी लहर से भी सावधान हो जाने की चेतावनी दे रहा है। भारत के नीति आयोग के हवाले से यह जानकारी मिली है की कोरोना की दूसरी लहर पर जीत प्राप्ति के बाद भारत को अब तीसरी लहर से भी सावधान रहना होगा।


कब तक आ सकती है तीसरी लहर ?


नीति आयोग के एक अधिकारी की मानें तो कोरोना की तीसरी लहर भारत में सितंबर और अक्टूबर के महीनों में आ सकती है। उनका कहना है की सरकार ने तीसरी लहर से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। अगर भविष्य में कोरोना की तीसरी लहर आ भी जाए तो भारत उससे लड़ने के लिए सक्षम होगा।


तीसरी लहर से बचाव के लिए वैक्सीनेशन है जरूरी।


भारत में जिस प्रकार से लोग कोरोना की वैक्सीन ले रहे है ये उसी का ही नतीजा है की दूसरी लहर में नए मामले इस हद तक कम हुए है। महामारी के फैलाव को रोकने में वैक्सीनेशन के अहम योगदान है। भारत में युवाओं का टीकाकरण जल्द से जल्द कर देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है ताकि अगर तीसरी लहर आ भी जाए तो ज्यादातर आबादी वाले युवाओं को संक्रमित होने से बचाया जा सके।

कब आई थी दूसरी लहर ?


भारत में पिछले साल के अंत तक कोरोना मामलों में काफी गिरावट आई थी इसी लिए लोगों ने सोचा की सायद अब महामारी का खतरा टल चुका है परंतु इस साल के शुरुआत में ही फरवरी तक कोरोना मामले फिर से बड़े पैमाने पे सामने आने लगे थे और होली बीत जाने के बाद ये आंकड़े और भी बढ़ गए थे। दूसरी लहर में प्रतिदिन 4 लाख नए कोरोना के मामले आने लगें थे परंतु पिछले तकरीबन 2 हफ्तों से कोरोना मामलों में तकरीबन 75% की गिरावट हुई है और अब प्रतिदिन 1 लाख नए कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं।


94% हो गई है रिकवरी रेट।


दूसरी लहर का प्रकोप झेल लेने के बाद भारत में अब कुछ कमी आ गई है। जब दूसरी लहर अपनी शुरुआत में थी तो रिकवरी रेट 25% से भी कम थी पर जैसे जैसे कोरोना मामले कम हुए है वैसे वैसे रिकवरी रेट भी बढ़ता ही चला गया और हाल ही के दिनों में रिकवरी रेट 94% से भी ज्यादा है।


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