मिस-सी बन रहा बच्चों के लिए नया खतरा
क्या है मिस - सी
डॉक्टरों की माने तो मिस सी से पीड़ितों का इलाज जल्द से जल्द हो जाना चाहिए नही तो यह जान के लिए एक खतरा भी साबित हो सकता है। इसमें बच्चों और नौजवानों में कुछ असामान्य समस्या विकसित हो सकती है। अगर ज्यादा दिक्कत हो तो बच्चों को अस्पताल में भर्ती भी करवाना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार इस बीमारी का कोरोना से कोई गंभीर नाता नहीं जोड़ा जा सकता है क्योंकि इसके कोई पक्के सबूत नहीं है की जिन मरीजों को मिस सी हो उनमें कोरोना के भी लक्षण मिले हो।
क्या है मिस सी के लक्षण।
- गर्दन में दर्द।
- बच्चों में सुस्ती।
- डायरिया की शिकायत ।
- बच्चे का बिल्कुल सुस्त पड़ जाना।
- तीन दिन या उससे ज्यादा का बुखार होना।
- आंखों का लाल होना।
गर्भवतियों के लिए खास हिदायत
मिस सी से लड़ने के लिए सभी मुख्य अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। फिर भी अस्पतालों को नवजात बच्चों का खास खयाल रखने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा नवजात बचों के रूटीन वैक्सोनेश के लिए पोलियो और हिपेटिटस बी को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। बता दे की जिन माताओं को covid 19 है वह दो मास्क पहने कर बचों को स्तनपान करा सकती हैं ।
इम्यूनिटी का रखिए खास खयाल
आज कल के इस कठिन या बोला जाए तो बीमारियों वाले समय में हमे अपने इम्निटी का खास खयाल रखना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों को ही खाए और 24 घंटे में कई बार रुक रुक कर गिलोय का काढ़ा पीना काफी हद तक आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बना सकता है।




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